मजिस्ट्रेट की जांच में खुली महुली के सरकारी विद्यालय की पोल
शौचालय गंदे, पंखे बंद, बोर्ड टूटा और पेयजल स्थल पर टोटी तक नहीं; स्मार्ट क्लास की बदहाल व्यवस्था पर भी उठे सवाल
दुद्धी/महुली, सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर शासन की ओर से लगातार जोर दिया जा रहा है, लेकिन दुद्धी तहसील क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय महुली में 20 अगस्त 2026 को मजिस्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए। निरीक्षण में शौचालय की साफ-सफाई, पंखे, बोर्ड, पेयजल व्यवस्था से लेकर स्मार्ट क्लास तक कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है।
मजिस्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शौचालयों में साफ-सफाई का अभाव मिला। कई कक्षाओं में पंखे बंद पाए गए, जबकि एक कक्षा में लगा लाइन वाला बोर्ड भी टूटा हुआ मिला। ऐसे में उमस और गर्मी के बीच बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता।
पेयजल व्यवस्था ने भी खींचा ध्यान
विद्यालय परिसर में बच्चों के लिए बनाए गए पेयजल स्थल पर भी अव्यवस्था देखने को मिली। बताया गया कि पेयजल स्थल पर पानी की टोटी तक उपलब्ध नहीं थी। इससे विद्यार्थियों को सहज एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
स्मार्ट क्लास की स्थिति पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान स्मार्ट क्लास की स्थिति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं बताई गई। आधुनिक शिक्षा के दौर में स्मार्ट क्लास को बच्चों की पढ़ाई को रोचक और तकनीकी रूप से बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। ऐसे में यदि उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों को मिलने वाले शैक्षणिक लाभ पर पड़ सकता है।
प्रधानाध्यापक ने जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराने का दिया भरोसा
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक बृजेश गुप्ता ने व्यवस्थाओं में मिली कमियों को जल्द दूर कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि विद्यालय में आवश्यक मरम्मत एवं साफ-सफाई का कार्य शीघ्र करा लिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और विद्यालय का वातावरण बेहतर बनाया जा सके।
जांच के बाद कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में सामने आई कमियों के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त पेयजल, सुचारु पंखे, सुरक्षित कक्षाएं और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और विद्यालय की व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा, ताकि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।







